Search Results
107किसी भी खाली खोज के साथ परिणाम मिले
- Festivals | ISKCON ALL IN ONE
SHAT TILA EKADASHI English SHAT TILA EKADASHI
- गोपीगीतम् | ISKCON ALL IN ONE
गोपी गीत ॥ गोपीगीतम् ॥ गोप्य ऊचुः । जयति तेऽधिकं जन्मना व्रजः श्रयत इन्दिरा विश्वद्त्र हि । दयित दृश्यतां दिक्षु तावका- स्त्वयि धृतसवस्त्वां विचिन्वते ॥ 1॥ शरदाशये साधुजातस- तसरसिजोदरश्रीमुषा दृशा । सुरतनाथ तेऽ मुक्तदासिका वरद निघ्नतो नेह किं वधः ॥ 2॥ विषजाप्ययाद्व्यालराक्षसा- द्वारमारुताद्वैद्युतानलात् । वृषमयात्मजाद्विश्वतोभया- दृषभ ते वयं रक्षिता मुहुः ॥ 3॥ न खलु गोपीकानन्दो भव- नखिलदेहिनामन्तरात्मदृक् । विखनसार्थितो विश्वगुप्तये सख उदेयिवंसत्वतां कुले ॥ 4॥ विर्चिताभयं वृष्णिधुर्य ते चरणमीयुषां संसृतेर्भयात् । करसरोरुहं कान्त कामदं शिरसि धेहि नः श्रीकरग्रहम् ॥ 5॥ व्रजनार्तिहन्वीर योषितां निजजनस्मयध्वंसनस्मित । भज सखे भवतकिंकरीः स्म नो जलरुहाननं चारु दर्शय ॥ 6॥ प्रणतदेहिनां पापकर्शनं तृणचरानुगं श्रीनिकेतनम् । फणिफणार्पितं ते पदांबुजं कृणु कुचेन्शु नः कृधि हृच्छयम् ॥7॥ मधुरया गिरा वल्गुवाक्यया बुधमनोज्ञया पुष्करेक्षण । विष्करीरिमा वीर मुह्यती- रधरसीधुनाऽऽप्यायस्व नः ॥ 8॥ तव कथामृतं तप्तजीवनं कविभिरीडितं कल्मषापहम । श्रावणमङ्गलं श्रीमदातं भुवि गृणन्ति ते भूरिदा जनाः ॥ 9॥ प्रहसितं प्रिय प्रेमविक्षणं विहरणं च ते ध्यानमङ्गलम् । रहसि संविदो या हृदिस्पृशः कुहक नो मनः क्षोभयति हि ॥ 10॥ चलसि यद्व्रजाचार्यण्पशून् नलिनसुन्दरं नाथ ते पदम् । शिलतृणाङ्कुरैः सीदतीति नः कलिलतां मनः कान्त गच्छति ॥ 11॥ दिनपरिक्षये नीलकुन्तलै- रक्षारुहाननं बिभ्रादावृतम् । घनर्जस्वलं दर्श्यन्मुहु- रमनसि नः स्मरं वीर यच्छसि ॥ 12॥ प्रणतकामदं पद्मजार्चितं धरणिमण्डनं ध्येयमापदि । चरणपङ्कजं शांतमं च ते रमण नः स्तनेष्वरपयाधिहन् ॥ 13॥ सुरतवर्धनं शोकनाशनं स्वरितवेणुना सुष्ठु चुम्बितम् । इतररागविस्मारणं नृणां विरतर नस्तेऽधरामृतम् ॥ 14॥ अटति यद्भवानह्नि काननं पत्रयुगायते त्वामपश्यताम् । कुटिलकुन्तलं श्रीमुखं च ते जड़ उड़ीक्षतां पक्षमकृद्दृशाम् ॥ पंद्रह॥ पतिसुतान्वयभ्रातृबंधवा- नतिविलङघ्य तेऽन्त्यच्युतागताः । गतिविदस्तवोद्गीतमोहिताः कितव योषितः कस्त्यजेन्निशि ॥ 16॥ रहसि संविदं हृच्छयोदयं प्रहसितानन प्रेमवीक्षणम् । बृहदुरः श्रियो वीक्ष्य धाम ते मुहुरतिस्पृहा मुह्यते मनः ॥ 17॥ व्रजवनौकसां व्यक्तिरङ्ग ते वृजिहन्त्र्यलं विश्वमङ्गलम् । त्यज मनाक् च नस्त्वत्स्पृहात्मनां स्वजनहृद्रुजां यन्नीषूदनम् ॥ 18॥ यत्ते सुजातचरणाम्बुरुहं स्तनेष भीताः शनैः प्रिय दधिमहि कर्क्षशेषु । तेनाटवीमत्सि तद्व्यथते न किंस्वित् कूर्पादिभिर्भ्रमति धीर्भवदायांुषुष नः ॥ वक्॥
- Prabhupada Bhajans & kirtans | ISKCON ALL IN ONE
भजन और कीर्तन by श्रील प्रभुपाद Prayers to the Six Gosvamis (Sri Sri Sad-gosvamy-astaka) Artist Name 00:00 / 01:04 Gaura Pahu (Gaura Pahu Na Bhajiya Goinu) Artist Name 00:00 / 01:04 Sri Krsna Caitanya Prabhu (Savarana-Sri-Gaura-pada-padme) 00:00 / 01:04 Artist Name 00:00 / 01:04 Artist Name 00:00 / 01:04 Artist Name 00:00 / 01:04 Artist Name 00:00 / 01:04 Artist Name 00:00 / 01:04 Artist Name 00:00 / 01:04 Artist Name 00:00 / 01:04
- Leave Review Page | ISKCON ALL IN ONE
Tell us what you think! Please review this product:
- Resister | ISKCON ALL IN ONE
Note - Add matrimonial profile create iskconallinone.com is a free service to help ISKCON devotees who are seriously looking to enter grihastha ashram. If you are looking for a generally spiritual match, caste match, pious Hindu, or a pre-marital intimate relationship, then please look elsewhere. To be eligible to register as a Member, you must be chanting at least one round of the Hare Krishna mahamantra daily and following the four regulative principles as instructed by His Divine Grace A.C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada: No consumption of meat, fish, eggs, onion and garlic No consumption of recreational drugs, alcohol, tea, coffee, caffeine and other intoxicants No gambling No illicit sex Not at this standard? Help is available. Visit your local ISKCON temple and take guidance from senior devotees to help you reach this basic level of Vaishnava spiritual practice. Add matrimonial profile create Name* Spritual Name Siksha Guru Dikshya Guru Date of Birth? दिन माह माह वर्ष समय : घंटे मिनट AM Place of Birth How many rounds ore you chanting ? Rashi Height Nakshatra Religion/Caste Education Job/Occupation Father Name Father's Occupation Mother Name Mother's Occupation Brother / Sister Email Contact Number* Whatsapp Number Address File upload* Upload image Submit
- WhatsApp service | ISKCON ALL IN ONE
हरे कृष्णा इस्कॉन ऑल इन वन व्हाट्सएप सेवा में आपका स्वागत है What Time Works For You? All Msg Daily Darshan & Quotes Ekadashi Remender Festivals Msg अभी पंजीकरण करें सबमिट करने के लिए धन्यवाद!
- कार्तिक व्रत कैसे करें | ISKCON ALL IN ONE
कार्तिक व्रत कैसे करें [ 9 अक्टूबर से 8 नवंबर ] 🔆 हरे कृष्ण महामंत्र का अधिक से अधिक जब करें : -कार्तिक में हरे कृष्ण मंत्र की अधिक से अधिक माला जपना अति आवश्यक है। 🔆 सुबह जल्दी उठें ( ब्रह्म मुहूर्त को प्राथमिकता दें ) 🔆 पवित्र स्नान करें, कार्तिक मास में विशेष रूप से ब्रह्म मुहूर्त में प्रात: काल स्नान करना अति शुभ माना जाता है। 🔆 भगवान के मंगल आरती दर्शन करें (इस्कॉन मायापुर या वृन्दावन लाइव यूट्यूब पर देख सकते हैं) 🔆 प्रतिदिन दामोदर अष्टकम का पाठ करें। 🔆दीप दान : कार्तिक मास में भगवान दामोदर को अर्पित करने का विशेष महत्व है कि आप इस अनुष्ठान को दिन में दो बार भी कर सकते हैं। लेकिन दिन में एक बार दीपक अवश्य चढ़ें - पहला चरण - भगवान के चरण कमलो के चारों ओर 4 बार दूसरा चरण नाभि - 2 बार तीसरा चरण मुख - 3 बार चौथा चरण - पूरे शरीर के चारों ओर 7 बार। 🔆 तुलसी सेवनम : कार्तिक मास में तुलसी महारानी की सेवा करना बहुत महत्वपूर्ण है। 🔆 शास्त्र/पुस्तक पढ़ना : भगवद गीता और श्रीमद्भागवतम पढ़ना बहुत महत्वपूर्ण है श्रीमद्भागवतम और भगवद गीता का 1 श्लोक सभी पुराणों को पाठ के बराबर है! 🔆 वैष्णव सेवा 🔆 स्तोत्र पाठ करना: (इनमे से कुछ स्त्रोत्र का चयन कर सकते हैं और सुनिश्चित करें कि आप उन्हें एक बार पढ़ें ) -गजेंद्र स्तुति -शिक्षाष्टकम भगवद्गीता का -12वां अध्याय -गोपी गीत -कृष्णा की 1 लीला "श्रीकृष्ण" किताब से।
- Lecture | ISKCON ALL IN ONE
भजन और कीर्तन by श्रील प्रभुपाद Ajamil Katha Day 1 Radha Govinda Swami Maharaj 00:00 / 01:04 Ajamil Katha Day 2 Radha Govinda Swami Maharaj 00:00 / 01:04 Ajamil Katha Day 3 Radha Govinda Swami Maharaj 00:00 / 01:04 Ajamil Katha Day 4 Radha Govinda Swami Maharaj 00:00 / 01:04 Ajamil Katha Day 5 Radha Govinda Swami Maharaj 00:00 / 01:04 Ajamil Katha Day 6 Radha Govinda Swami Maharaj 00:00 / 01:04 Ajamil Katha Day 7 Radha Govinda Swami Maharaj 00:00 / 01:04 Ajamil Katha Day 8 Radha Govinda Swami Maharaj 00:00 / 01:04 Ajamil Katha Day 9 Radha Govinda Swami Maharaj 00:00 / 01:04 Ajamil Katha Day 10 Radha Govinda Swami Maharaj 00:00 / 01:04 Ajamil Katha Day 11 Radha Govinda Swami Maharaj 00:00 / 01:04
- Books | ISKCON ALL IN ONE
अंग्रेजी किताबें हिन्दी भागवतम्

